Crocodile Facts In Hindi: वैसे तो मगरमच्छ पानी और धरती पर पाया जाने वाला एक बहुत ही खतरनाक जीव है। जो एक बार अपने शिकार को अपने मुंह में फंसा है तो फिर नहीं छोड़ता लेकिन क्या आपको पता है। कि मगरमच्छ खतरनाक होने के साथ-साथ बहुत ही रोचक भी है। तो आइए आज मैं आपको बताऊंगी मगरमच्छ से जुडी कुछ ऐसी ही इंटरेस्टिंग बातें जो आज से पहले अपने कभी नहीं सुनी होंगी क्या आपको पता है। कि मगरमच्छ अपने शिकार को चबाते कम है।
बल्कि उन्हें सिद्ध निगलते है और जब ढूंढ निगलते हैं तो उनकी आंखों से पानी निकलता है और यही वजह है कि मगरमच्छ के आंसू वाली कहावत भी मशहूर है। मगरमच्छ मादा से संभोग ज्यादातर बरसात के मौसम में करते हैं और मादा मगरमच्छ कम से कम बीच से 500 अंडे देती है और 3 महीने तक उनकी देखभाल करती है। लेकिन क्या आपको पता है कि मगरमच्छ के 99% बच्चे जन्म के एक साल के अंदर ही दूसरे जानवरों द्वारा खा लिए जाते हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि मगरमच्छ पानी के बाहर अपने जबड़े खोलकर पड़े रहते हैं।

लेकिन क्या आपको पता है ऐसा क्यों है बेसिकली मगरमच्छ अपने शरीर का तापमान कंट्रोल में रखने के लिए ऐसा करते हैं। बहुत समय पहले पृथ्वी पर लगभग मगरमच्छ की 23 प्रजातियाँ पाई जाती थीं। लेकिन उनमें से ज्यादातर अब जो हैं, वे खत्म होने के कगार पर हैं। आज के समय में बहुत ही कम प्रजातियां बची हैं, मगरमच्छ की जो देखने को मिलते हैं। मगरमच्छ धरती के प्राचीन जीवो में से एक है। ये डायनासोर के समय से पृथ्वी पर रह रहे हैं।
इस पृथ्वी पर लगभग ढाई सौ मिलियन वर्षों से निवास है। आम तौर पर मगरमछों 2 प्रकार के होते हैं। एक खारे पानी के मगरमच्छ जिन हम सॉल्वड क्रोकोडाइल्स बोलते हैं और एक मीठे पानी के मगरमच्छ जिन्हें हम शोल्डर क्रोकोडाइल्स बोलते हैं खारे पानी के मगरमच्छ अक्षर समुद्र में ही देखने को मिलते हैं। लेकिन जो प्रश्नोत्तर प्रोफाइल सेंड मीठे पानी के मगरमच्छ वह में नदियों झीलों या फिर कोई भी दलदली वाला इलाका वैसे जगह पर मिल जाते हैं सबसे छोटा मगरमच्छ प्लॉट मगरमच्छ एडिसन जिसे आप क्रोकोडाइल भी कहते हैं।

इसकी लंबाई लगभग 5 फुट तक की होती हैं और वजन लगभग 32 से 35 किलो का होता है मगर मतदाता ट्रॉपिकल रीजन सैनिक गरम जगह पर ही पाए जाते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि मगरमच्छ अजीब है। वह ठंडे खून वाला जीव है। अपने शरीर का तापमान कंट्रोल में रखने के लिए वह ऐसी जगह पर रहता है। आम तौर पर मगरमच्छ मछलियां पानी में रहने वाले जीव भी खाते हैं लेकिन मगरमच्छ खुद एक मांसाहारी जीव है। तो अगर यह जमीन पर हैं और इन्हें किसी मनुष्य किसी पशु शिकार करने का मौका मिले तो यह उन्हें भी खा लेते हैं।
मगरमच्छ के बारे में बहुत ही अनोखी बात यह है कि शिकार करने के बाद पत्थर के टुकड़े भी निकल जाते हैं यह पत्थर के टुकड़े मगरमच्छ को खाना पचाने में मदद करते हैं। क्योंकि यह पत्थर के टुकड़े मगरमच्छ के पेट में जाकर उसके भोजन को तोड़कर और पीसकर चूर्ण बना देते हैं। जिससे मगरमच्छ को पचाने में आसानी होती है। मगरमच्छ अपने शिकार को जिंदा रहते हुए वहाँ से खींचकर पानी में ले जाते हैं। ताकि वह पानी में डूबकर मर जाए और फिर उसके शरीर को काटकर खाना शुरू करे।

चिड़ियाघर में पाए जाने वाले मगरमच्छ और मरे हुए चूहे मछली खाते हैं। लेकिन जंगल में जब मगरमच्छ होता है तो वह हर तरह के जानवरों को खा लेता है। चाहे मेंढक हो, मछली हो, हिरन हो, या किसी भी प्रकार का जानवर, मगरमच्छ खा लेते हैं। मगरमच्छ जब रात को पानी के बाहर देखते हैं। तो उनकी आंखों में हल्ला बोल से विनी चमकती है। जो दूर से देखने में बहुत ही ज्यादा डरावनी लगती है। आपने अकसर मगरमछों का डिस्कवरी चैनल जैसी जगहों में शिकार को अपने मुंह में दबाए हुए पानी में लौटते हुए देखा होगा।
और बहुत से लोगों को यह लगता है कि वे ऐसा शिकार पाने की खुशी में कर रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, असल में हाथ न होने के कारण इन अपने शिकार के मांस को चीरने में मुश्किल होती है। इसलिए दो मगरमच्छ एक बार में अपने जबड़ों में पकड़ते हैं और दोनों उल्टी तरफ लौटते हैं। जिससे के शिकार का मांस टुकड़ों में टूट जाता है साथ मगरमच्छ पानी में लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तैर सकते हैं और यह ऐसा अपनी मजबूत पूछकर होने के कारण है क्योंकि उनकी पूंछ होती है।

वह इन्हें तोड़ने में मदद करते हैं आम तौर पर जंगल में रहने वाले मगरमछों का जीवनकाल में लगभग 3 से 50 साल का होता है। जबकि पानी में रहने वाले मगरमच्छ का जीवनकाल 70 से 80 साल तक होता है। ट्रैक नंबर 80 क्या आपको पता है कि मगरमछों को साथ लेने के लिए हर थोड़ी देर में पानी के बाहर आना पड़ता है। लेकिन जरूरत पड़ने पर ये पानी के अंदर भी 6 से 7 घंटे तक रह सकते हैं। मगरमच्छ की खाल का इस्तेमाल जूते और जैकेट पर ऐसी बहुत-सी चीजें बनाने में किया जाता है।
और इंटरनेशनल बाजार में मगरमच्छ की खाल से बनी चीजों की कीमत हजारों लाखों में होती है। मगरमच्छ शिकार करने से पहले हमेशा शांत रहते हैं। यह कभी भी अपने शिकार का पीछा नहीं करते बल्कि यह चुपचाप शिकार के पास आने का इंतजार करते हैं कि जैसे ही वह पास आए यह उसे अपना शिकार बना लें तो दोस्तों यह थी हमारी पूरी इनफार्मेशन आप को कैसी लगी हमे कॉमेंट में जरूर बताना ।