Tiger National Animal: हेलो दोस्तों, कभी न कभी आपके मन में यह खयाल जरूर आया होगा। कि हमारे भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ ही क्यों है। जबकि उससे ज्यादा ताकतवर जानवर तो जंगल में रहते हैं। और शेयर भी जंगल का राजा है। लेकिन फिर भी भाग को ही क्यों भारत का राष्ट्रीय पशु बनाया गया दोस्तों, आपके सवाल का जवाब हम इस आर्टिकल में आपको देंगे तो प्लीज लास्ट तक आर्टिकल में बने रहे। दोस्तों सभी देशों के अपने अलग-अलग राष्ट्रीय पशु होती है। जैसे ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय पशु कंगारू है और भारत देश के राष्ट्रीय पशु बाघ है। सबसे पहले मैं आपको बाघ की पहचान बता देता हूं।

बाघ एक बिल्ली प्रजाति का जानवर है। जिसे इंग्लिश में टाइगर भी कहा जाता है। बाल भूरे और सफेद रंग के होते हैं। इनकी त्वचा पर काली धारियां होती हैं। वह एक मांसाहारी जानवर होते हैं। बाघ के दांत शेर से भी बड़े होते हैं। इनके पंजे गद्दार होते हैं जिससे इनकी हट भी नहीं होती है। और यह अपना शिकार आसानी से कर लेते हैं और बांध की ऊंचाई करीब है। 1 मीटर लंबाई, 2 मिनट, और वजन लगभग 300 किलोग्राम तक हो सकता है।

बाघ बहुत ही चलायमान जानवर है। शिकार करने और पेट भर जाने के बाद बची हुई मॉस को अन्य जानवरों से छुपाने का प्रयास करता है जिससे भविष्य में भी उसे खाना मिल सके बाघ ज्यादातर रात को ही शिकार करते हैं। बाघ पूरी दुनिया में लगभग 6000 बचे हुए हैं। लेकिन खुशी की बात यह है। कि छः हजार में से करीब तीन हजार बाघ अपने भारत देश में ही है। भाग हमारे भारत देश की शक्ति भारत देश की शान भारत देश की सत्ता बुद्धि और धीरज का प्रतीक है बाघ में देखने में प्यारे होते हैं।

बाघ ज्यादा खतरनाक भी होते हैं। पूरी दुनिया में बाघों की कई सारी प्रजाति पाई जाती है। कई जगह पर तो सफेद भाग भी पाए जाते हैं। जो देखने में काफी खूबसूरत लगते हैं। दोस्तों 1978 में भाग को भारत का राष्ट्रीय पशु बनाया गया था लेकिन आने वाले कुछ दिनों में भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ की बजाय शेयर होगा। क्योंकि शेयर आप विलुप्ति की कगार पर हैं। बाघ को जब राष्ट्रीय पशु बनाया गया था। तो उसकी संख्या में तेजी से वृद्धि हुई थी। दोस्तों प्राचीन काल में बाघ का शिकार करना राजा महाराजाओं का शोक हुआ करता था।

इसी कारण बाघों की संख्या में तेजी से गिरावट हुई थी। बाघ का शिकार होने के पीछे एक और कारण था कि बाघ की खाल का अवैध कारोबार किया जा रहा था। भारत सरकार ने बाघ का शिकार करने पर सख्त कानून बनाया है। बाघ का शिकार करना कानूनी अपराध है। बाघों को बचाने के लिए ही भारत सरकार ने नए कदम उठाए हैं। बाघ अपनी खूबसूरती गुस्से लेपन शालीनता अपने एटीट्यूड फुर्तीलापन और अपनी अपार शक्ति के लिए जाना जाता है।

बाघ के इन्हीं गुणों के कारण 1978 में भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ को घोषित कर दिया गया था। इससे पहले 1972 तक शेयर भारत का राष्ट्रीय पशु था, दोस्तों। उम्मीद करती हूँ कि आपको पता चल गया होगा। कि आखिर भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ को ही क्यों बनाया गया है। आर्टिकल केसा लगी नीचे कमेंट बॉक्स में आकर जरूर बताना बस इतना ही जय हिंद जय भारत।